उचित विचार, उचित प्रयास, उचित कर्म, उचित चर्चा आदि मनुष्य की नैतिक उन्नति के लिए अत्यन्त विचार-वान सिद्धान्त है। सदाचार या उचित आचरण से मनुष्य नैतिक बनता है औरआत्म-तत्त्व या ब्रह्मज्ञान पाने योग्य हो जाता है।
वित्तीय समावेशन, डिजिटल नवाचार से ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स तक, भारतीय डाक सुदूर
क्षेत्रों तक निभा रहा अहम भूमिका- पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव
-
भारतीय डाक विभाग अपनी दूरदर्शी कार्यशैली और ‘डाक सेवा-जन सेवा’ के मूल मंत्र
के साथ देश के कोने-कोने तक विश्वसनीय एवं सुलभ सेवाएँ पहुँचाने में निरंतर
अग्र...
3 weeks ago

No comments:
Post a Comment