उचित विचार, उचित प्रयास, उचित कर्म, उचित चर्चा आदि मनुष्य की नैतिक उन्नति के लिए अत्यन्त विचार-वान सिद्धान्त है। सदाचार या उचित आचरण से मनुष्य नैतिक बनता है औरआत्म-तत्त्व या ब्रह्मज्ञान पाने योग्य हो जाता है।
शिक्षा व्यवस्था पर उठते सवाल : अनुशासन या अपमान !
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हाल के दिनों में विद्यालय में छात्राओं को “मुर्गा” बनाकर दंड देने की घटना
को लेकर व्यापक चर्चा और विवाद देखने को मिला है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो
सामने ...
6 hours ago

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